कांगड़ा एयरो सिटी विवाद: 4 लाख बनाम 21 लाख; मुआवजे के अंतर पर भड़के ग्रामीण
Kangra Aero City Dispute: 4 Lakh vs. 21 Lakh
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा एयरपोर्ट के समीप प्रस्तावित एयरो सिटी की जद में आ रहे गांवों के लोगों ने एयरपोर्ट की तर्ज पर मुआवजे की मांग उठाई है। एयरो सिटी के लिए सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसके चलते ग्रामीणों को प्रति कनाल 3 से 4 लाख रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि एयरपोर्ट की जद में आए लोगों की भूमि के संबंध में प्रति कनाल 21 लाख रुपये दिए गए हैं।
विरोध में डीसी कांगड़ा से मिले लोग
ऐसे में महाल भड़ोत के ग्रामीणों ने मंगलवार को उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा से मिलकर इस मामले को उठाया। ग्रामीणों वीर सिंह, देशराज व नरेंद्र कुमार ने बताया कि यदि उन्हें एयरपोर्ट की तर्ज पर मुआवजा नहीं दिया गया तो विरोध स्वरूप उन्हें सडक़ों पर उतरना पड़ेगा।
चिह्नित भूमि बेहद उपजाऊ
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें पता चला है कि महाल भड़ोत तहसील शाहपुर में सरकार एयरो सिटी बनाने जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि चिह्नित भूमि बंडी के लोगों की उपजाऊ भूमि है। इसी भूमि पर फसल उगाकर ग्रामीण परिवार का पालन पोषण करते हैं।
उन्होंने बताया कि इस भूमि पर प्रति कनाल सर्कल रेट बहुत कम है, इस रेट पर ग्रामीण अपनी भूमि देने को बिलकुल तैयार नहीं है।
जुगेहड़ के सर्कल रेट के आधार पर मुआवजा मांगा
ग्रामीणों ने बताया कि इस महाल के साथ लगती महाल जुगेहड़ का सर्कल रेट काफी अच्छा है और हमें भी जुगेहड़ के सर्कल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाए। यदि सरकार व प्रशासन जुगेहड़ के सर्कल रेट दिया जाता है तो ही ग्रामीण अपनी भूमि एयरो सिटी के लिए देंगे, अन्यथा ग्रामीण सडक़ों पर उतरकर अपनी भूमि के अधिग्रहण का विरोध करेंगे।